जाने कैसे रिश्ते हैं अचानक से थम जाते हैं
सब कुछ ठीक होकर भी एक दम से बदल जाते हैं
इतना वक्त करीब होकर फिर अजनबी बन जाते हैं
सब कुछ समझ कर भी नासमझ से नज़र आते हैं
सब कुछ कह कर फिर ख़ामोश से हो जाते हैं
उम्र भर का वादा कर के एक तरफा बन जाते हैं
जाने कैसे रिश्ते हैं अचानक से थम जाते हैं
सब कुछ ठीक हो कर भी एक दम से बदल जाते हैं
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X