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ऐसे नहीं तो वैसे सही

Santosh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऐसे नहीं तो वैसे सही ;
        
                                                    
                            
लड़ना क्यों जब सबको रहना है यहीं ;
मरने के बाद सबकी भलाई ही सिर्फ याद रही ;
दूध की तरह बहना नहीं तो सीखो जमना जैसे दही

ऐसे नहीं तो वैसे सही ;
कर्म के हिसाब से जो चाहोगे मिलेगा वही ;
'कर्म ही पूजा है' यही बात महापुरुषों ने कही ;
साम, दाम, दंड और भेद से कामयाबी को कहो नहीं

ऐसे नहीं तो वैसे सही ;
सदकर्मों से ही विकास की गंगा हमेशा बही ;
अपनी प्रतिभा से लगा दो सफलता की तही ;
अपने काबलियत पर रखो भरोसा क्योंकि तुम हो जही

[श्री संतोष कुमार सिंह : हिंदी और अंग्रेजी कवि]
6 घंटे पहले
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