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santosh DRDO

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                             वह समझदार है 
        
                                                    
                            
मगर किसी की तारीफ का इंतजार नहीं करती
पढ़ने में अच्छी है ,
मगर नुमाइश में इश्तेहार नहीं लिखती
खूबसूरत है बहुत ,
मगर दूसरों के लिए श्रृंगार नहीं करती
मेरी सांसो का मानसून उठ -उठकर
उसके होठों पर वर्षा करती है
मगर वो है कि....
बूंदों का हिसाब नहीं रखती
ना जाने कौन सी बेड़िया है
उसके पैरों में पड़ी....
कहती तो है कि प्यार करती हूं बहुत
मगर कभी मोहब्बत की बात नहीं करती | |
~ संतोष यदुवंशी



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6 वर्ष पहले
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