एक बीड़ी
एक माचिस की तीली
एक हल और
एक नंगे बदन ने
पूरी दुनिया की जमीने जोत दी |
एक सिगार
एक सरकार
एक तलवार और
एक भगवान ने
पूरी दुनिया की फसलें नोंच ली |
एक सिगरेट
एक किताब
एक कॉफी और
एक मीनार
पूरी दुनिया में ज्ञान का दिखावा कर रहे हैं
बीड़ी-सिगार का झगड़ा सुलझाने का दावा कर रहे हैं |
वे जानते है
सुलह की गुंजाइस नहीं है
बीड़ी खुरदुरा है....
सिगार जैसा मुलायम नहीं हो पाता
ये झगड़ा तब तक चलता रहेगा.....
जब तक कयामत नहीं हो जाता |
गगनचुंबी इमारतों से हवा में लटका मजदूर
जो थपेड़े खा रहा है
मैं उससे पूछता हूं....
बीड़ी या सिगार ?
कौन है असली जिम्मेदार ?
वो अनपढ़ है , गरीब है
इशारों में समझा रहा है....
" जो सिगरेट में फिल्टर लगाकर
फेफड़ा बचा रहा है | |
~ संतोष यदुवंशी
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