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मत खेल ऐ ज़िंदगी, ऐसे खेल मत खेल

sanserpal singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मत खेल ऐ ज़िंदगी,
        
                                                    
                            
ऐसे खेल मत खेल,
जिसमें मेरी जीत हो।
मैं जीतकर भी हारा हुआ लगता हूँ,
जब सामने वाले की आँखों में
आँसू देखता हूँ।
मुझे ऐसी जीत नहीं चाहिए,
जिसमें किसी के चेहरे की
मुस्कान छिन जाए।
ऐसी खुशी का क्या करूँ मैं,
अगर मेरी खुशी की वजह से
किसी की आँखें नम हो जाएँ।
एक दिन पहले
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