होने को तो कई सवेरे हो गए,
लेकिन मैं आज भी उसी रात में उलझा हुआ हूँ,
जिस रात तुम मुझे छोड़कर चली गई थीं।
तुम्हारा जाना जैसे मुझसे बहुत कुछ छीन ले गया।
खैर, मैं तुम्हें ढूँढ भी नहीं सकता,
क्योंकि ढूँढा उसे जाता है, जिसे भुला दिया गया हो।
मैं इस ज़माने को क्या देखता,
जब मुझे तुम्हारे प्रेम के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता था।
इसलिए, आज मैं तुम्हें अलविदा कहता हूँ।
मैं उस दुनिया से लौट रहा हूँ,
जो केवल तुम्हारी यादों से बनी थी।
अगली बार फिर लौटूंगा ,
लेकिन सिर्फ अपने लिए....
किसी और के लिए नहीं।