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मत सर मारो

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मत सर मारो उस पत्थर में
        
                                                    
                            
जिसको नहीं जरा सा भान
अच्छे बुरे की समझ नहीं है
न ही जानता क्या है मान
उसे सिर्फ अपना दिखता है
अपना लाभ बस अपना काम
नहीं विवेक नहीं मर्यादा है
करें तुच्छता गिरे धड़ाम
किया नहीं जीवन में उसने
औरों के हित कोई काम
लूट सके हिस्सा अपनों का
नजर इसी पर आठों याम
-कुँवर संदीप सिंह
2 महीने पहले
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