चाहते हैं बात उनसे हमारी रोज़ हो
इसमें जाने झिझक क्यों आ जाती है
दोनों ही एक दूजे की याद मे रहते
जुदाई तोड़ने में हिचक क्यों आ जाती है
-कुँवर