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चढ़ी निगाह रहे

Sandeep Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उनपे चढ़ी निगाह रहे
        
                                                    
                            
जो कर्मों में उद्यत
जो कर्मों से भागे उससे
जैसे हैं ही नहीं अवगत
कुँवर संदीप सिंह
2 महीने पहले
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