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हर बात अच्छी है।

सुनील देव

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी उम्मीद अच्छी है तेरी हर बात सच्ची है।।
        
                                                    
                            
मगर ए ज़िंदगी तुझ से तेरी सौगात अच्छी है।।

कहाँ कोई साथ देता है बुरा जब वक़्त आता है,,
निगाहें फेर लेता है जिसकी हर बात अच्छी है।।

लगता हैं के दुनियाँ में सभी तो अपने जैसे हैं,,
ख़ुदा की नेमतों में इक यही करामात अच्छी है।।

ये धरती सब के लिए कहाँ एक जैसी लगती है,,
कहीं पर धूप अच्छी है कहीं बरसात अच्छी है।।

ज़मीं से आसमां तक कौन कितना देख पाया है,,
सितारों में छिपी दुनियाँ की बस रात अच्छी है।।

मैने इन बाज़ारों के सामान की औक़ात देखी है,,
खाली गर ज़ेब हो तो बस ज़रूरियात अच्छी है।।

जीने को तो ये ज़िंदगी भी कम पड़ जाए है देव,,
वरना मौत का क्या इसकी तो हर बात अच्छी है।।
-सुनील देव
एक महीने पहले
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