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कितनी मोहब्बत करते हैं

Samay Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितनी मोहब्बत करते हैं, तुमसे
        
                                                    
                            
ये तो हम कभी कह ना पाए
तेरे बिन मेरा दिल नहीं लगता
तेरे बिना हम रह ना पाए
कितने जनम हम तुम बिन, तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए
कितनी मोहब्बत करते हैं, तुमसे
ये तो कभी हम कह ना पाए

सूख गए सागर के जल अब
सूख गए सागर के जल अब
आँखों से आँसू बह ना पाए
कितने जनम हम तुम बिन तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए

यार बता दो तुम अब, मुझको
यार बता दो तुम अब, मुझको
तेरे बिना भला कैसे जी पाएँ
कितने जनम हम तुम बिन तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए

जनम-जनम का मिलन अधूरा
जनम-जनम का मिलन अधूरा
हम किसी जनम क्यों,मिल ना पाए
यार बता दो, प्यार हमारा
यार बता दो, प्यार हमारा
हमसे अब रह ना, जाए
कितने जनम हम तुम बिन तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए

टूटे तारे, छूटे साये
टूटे तारे, छूटे साये
ख़्वाब कभी पूरे हो न पाए?
दर्द दिया जो इस दुनिया, ने
हँसते-हँसते, हम सह जाएँ
यार बताओ, राह मिलन की
यार बताओ, राह मिलन की
कब तक दूरी ये सह पाएँ?
कितने जनम हम तुम बिन, तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए

साँस की डोरी, टूटे चाहे
साँस की डोरी, टूटे चाहे
नाम तेरा ही, होंठों पर आए
तू जो मिले तो, ये जग जीतें
तू जो न हो तो, मिट ही जाएँ
रब से माँगी एक दुआ बस
रब से माँगी एक दुआ बस
हम तेरी बाहों में सो जाएँ
कितनी मोहब्बत करते हैं तुमसे
ये तो कभी हम कह ना पाए

तेरे बिन मेरा दिल नहीं लगता
तेरे बिना हम रह ना पाए
कितने जनम हम तुम बिन तड़पे
कितने जनम हम लेकर आए...
2 महीने पहले
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