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चले आओ

Samay Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चले आओ, यहाँ अब तुम
        
                                                    
                            
कि मेरा दिल न लगता है।
तुम्हारे बिन, जो बीते दिन,
हमें वो दिन, दिन न लगता है।
चले आओ, यहाँ अब तुम,
हमारा दिल न लगता है।

सुबह की पहली किरणों के,
संग ही आ जाओ।
हवाएँ जैसे चलती हैं,
हवा के जैसे आ जाओ।
चले आओ, यहाँ अब तुम,
हमारा दिल न लगता है।

कहीं तुम रूठ न जाओ हमसे,
हम दो बातें करें प्यारी।
तुम्हारे दिल की मैं सुन लूँ,
मेरे दिल की तू सुन ले।
चले आओ, यहाँ अब तुम,
हमारा दिल न लगता है।

ज़िंदगी सिमटी है तेरे बिन,
कमरे की चार दीवारों में।
हँसी आती न होंठों पर,
तेरी यादों के साये में।
चले आओ, यहाँ अब तुम,
कि मेरा दिल न लगता है।

कसम तेरी, हम खाते हैं,
तुम्हें हम प्यार करे दिल से।
लबों पर मेरे तेरा नाम,
हरपल ही रहता है
अरे हम इश्क़ करते तुमसे।
मेरा दिल मुझ से कहता है,

चले आओ, यहाँ अब तुम,
कि मेरा दिल न लगता है।
चले आओ, यहाँ अब तुम...
3 महीने पहले
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