सुना है प्रेम का फूल जीवन मे अचानक खिला करता है,
क्योंकि
इसके अंकुरित होने का कोई तय मौसम नहीं हुआ करता है!
सुना है प्रेम किसी से भी हो जाता है,
क्योंकि
किससे हो जाए यह भी एक पहेली ही हुआ करता है !
सुना है प्रेम उम्र के बंधन में भी नहीं बंधता,
क्योंकि
उम्र देह की होती है और यह रूह से हुआ करता है!
सुना है प्रेम में नाजायज़ कुछ भी नहीं,
क्योंकि
प्रेम को तो ईश्वर का आशीर्वाद मिला करता है!
सुना है प्रेम किसी खास दिन का मोहताज नहीं,
क्योंकि
इस बंधन में तो उम्र भर का जश्न हुआ करता है !
इसलिए जब भी प्रेम तुम्हारे दिल का द्वार खटखटाए,
तब तुम बिल्कुल देर न करना!
गल्ती से भी कोई तर्क न करना!
बिन सोचे बस दिल की करना!
लेकिन बस कहना कुछ न !
मौन रहकर प्रेम की भाषा सुनना!
फिर सदियों तक उसमें बहना!
धन्यवाद
-सुजाता
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