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चुंबन

S. Mukesh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रेम ने परमात्मा को अपने भीतर
        
                                                    
                            
आत्मसात किया था ।
नि:संदेह, दैवीय था वह क्षण,
जब दो प्रेमियों ने प्रणय स्वीकार कर,
एक चुंबन को जीया था।

-सुजाता

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6 वर्ष पहले
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