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मां की ममता

S K

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ की ममता में मिले ,धरती पर भगवान ।
        
                                                    
                            
सत्य सनातन माँ करे,बच्चों का उत्थान ।।

ईश्वर का प्रतिरूप माँ ,माँ ही सच्ची मीत ।
माँ की वाणी में घुला, ममता का नवनीत ।।

बच्चों की मुस्कान पर,माँ जाए कुर्बान।
दुख देना माँ को नहीं,किंचित् भी नादान।।

माँ से यह जीवन मिला ,मिला जगत में मान ।
धन दौलत सब कुछ मिली, भले बुरे का ज्ञान।।

माँ बच्चे को पालती,सह कर कष्ट अपार।
हँसी खुशी अपनी सभी,दे बच्चों पर वार।।

जीवन में बहुमूल्य माँ,ईश्वर का वरदान।
गाता है सारा जगत,माता का गुणगान।।

चरण शरण माँ की गहो ,मंदिर मस्जिद भूल।
मिट जाएँगे राह के, सारे शूल समूल ।।

देती जीवन दान माँ, देती जग का ज्ञान।।
माँ के शुभ आशीष से,हों मुश्किल आसान।

माँ है जग की श्रेष्ठ कृति ,माँ में लय संसार ।
भरे विश्व को अंक में ,देती मधुरिम प्यार ।।

जग में अनुपम ज्ञान का, माँ ही है आधार।
धैर्य मना धारण करे,कर्तव्यों का भार ।।

माँ के आँचल में भरा ,प्रीति सुधा -रस -धार ।
बच्चे का संसार में,देती भाग्य निखार।।
- सुनीता सिंह 'सुधा '
 
एक वर्ष पहले
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