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मोहब्बत

Rupesh Sahu

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऐं मोहब्बत कितनी काफिर है तू।
        
                                                    
                            
न करे तो दिल जले।
कर ले तो धड़कन बढे।
शिकवा बहुत है, मुझे इन मोहब्बत से।
फिर भी कर गुजरने का इरादा करता हैं।
2 सप्ताह पहले
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