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मुस्कराने के बहाने

Rupendra Bahadur

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ग़म में गुनगुनाने के बहाने ढूंढ लेता हूं |
        
                                                    
                            
लोगों से घुलने मिलने के बहाने ढूंढ लेता हूं |
ऐसा नहीं कि मेरे ज़ख्मों में दर्द का अनुभव नहीं ,
मैं दर्द में मुस्कराने के बहाने ढूंढ लेता हूं ||
- रूपेन्द्र बहादुर सिंह
एक महीने पहले
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