अपनी जान से भी ज्यादा
हम ध्यान जिसका रखते हैं
रातों की अपनी नींदे
कुर्बान तुझ पे करते हैं
तेरी ही चिंता में
दिन रात पूरे करते हैं
पहले हमसफर फिर
औलाद पहले थी
अब सब को छोड़
बस तुझे ही अहमियत देते हैं
जब से आया है
तू ज़िंदगी में
सब से कट गए हैं
बस तुझसे जुड़े रह गए हैं
किसी और की नहीं
बस नेटवर्क की चिंता रहती है
बैटरी खत्म हो जाय तो
जान मुंह को आ जाती है
तुझ से बिछड़ जाने का ग़म
बन गया सबसे बड़ा सदमा
तेरी वजह से दुनिया है लूटा
ऑन लाइन ठगी से
खाता जो खाली हो गया
तेरी मोहब्बत में सब कुछ लुटा देंगे
बरबाद हो कर भी साथ तेरा न छोड़ेंगे
अपनी जान से भी ज्यादा
तेरा ध्यान हम रखेंगे
-ऋतु पुरोहित