विज्ञापन

पल-पल छन-छन तेरे ही याद आता है

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पल-पल छन-छन,यादो के स्मृति में।
        
                                                    
                            
आती रहती हो,जीवन के हर सपनो में।
बन्धन एसा था अपना,बंधे है जैसे एक डोरी में।
हर सुहाने पल,झलकता रहता है आँखो में।
मेरा जीवन बस्ता है, जैसे तेरे आँखो में।
आज भी रहती हो तुम,मेरे जीवन के हिस्सों में।
सदा ही समाई रहती हो,मेरे दिल की धड़कन में।
साथ नही हो मेरे तुम,फिर भी रहती हो हर धड़कन में।
ना बेवफा तुम थे,ना बेवफा हुवे हम।
ना होंगे बेवफा कभी,दिल की सुकून हो तुम।
साथी थे तुम,सदा ही साथ निभाना दिल से।
दूर हो कर भी,प्यार बरसाना दिल से।
तू मेरी मोहोब्बत थी,वक्त ने दूर किया हमको।
वक्त के आगे, झुकना पड़ा हम तुमको।
वक्त एसा आएगा,कभी नही सोचा था हमने।
इतने दूर हो जाएंगे,कभी सोचा नही था हमने।
दूर होने से,प्यार मर जायेगा ये हो सकता नही।
तेरे दूरी में भी प्यार नजर आता है, यही है सही।
मिलना बिछड़ना,सायद प्रीत यही है।
प्रेम यही है, जीवन का हर गीत यही है।
बिछड़ कर ना बिछड़े,सायद सच्ची प्रीत यही है।
यादो के झरोखों में,बसने वाली सच्ची प्रीत यही है।
बिछड़ कर भी,यादो में आती रहती हो।
तन -मन के स्मृतियों में,सदा समाये रहती हो।
लगता है मुझे,दूर रह कर भी तुम पास ही हो।
मेरे हर स्मृतियों में,तुम साथ -साथ हो।
रातो के हर सपनो में,मेरे दिल मे आती रहती हो।
ना हो सावन फिर भी,सावन बन बरसती रहती हो।
तेरे ही खुसबू ले कर,ये रात मेरा ढल जाता है।
नई सुबह की नई किरण में,खुसबू बिखर जाता है।
सुबह की ओ ठंडी पवन बन,दिल को सुकून दे जाता है।
तेरे ही सुंदर स्मृतियों से, ये दिन भी ढल जाता है।
तू दूर नही हो मुझसे,पास-पास ही नजर आता है।
मेरे ही परछाई से मिल,साथ तू सदा निभाता है।
जीवन की सच्ची गाथा से,जीवन को महकाता है।
तन और मन मे,आनंद भरे उल्लास भर जाता है।
स्फूर्ति से ये तन और मन,विरह के बाद भी प्रेम पाता है।
तेरे चंचल आँखो में,प्यार ही प्यार नजर आता है।
तू जीवन थी मेरी साथी,तू सपनो में आती है।
बीते सुंदर स्मृतियों से,मन प्रफुल्लित हो जाता है।
पल-पल छन-छन,तेरे ही याद आता है।
दूर कहा हो साथी,हर पल हृदय में समा जाती है।
जीवन की हर राग रंग से,मिल कर वादा निभाती है।
तेरे यादे,स्मृति बन कर,दिल मे ही रहती है।
पल-पल छन-छन,तेरे ही याद आता है।
पल-पल छन - छन ,तेरे ही याद आता है।
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all