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मुझसे इतना दूर क्यो?रहती हो

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर सुबह और साम,ओ चेहरा नजर आता है तेरा।
        
                                                    
                            
रात के गहरी अंधेरो में,सपना आता है तेरा।
जीवन जैसे लगता है, खुसबू से महक रहा हो।
हृदय के हर कम्पन में,तेरा प्यार झलक रहा हो।
जन्मों का ये नाता है, ओ मेरे जीवन साथी।
तभी तो सपनो में आती हो,ओ मेरे जीवन साथी।
कुछ वक्त गुजारे रहती हो,पल भर में चली जाती हो।
मेरे अन्तस् की पीड़ा को,पल भर में समझ जाती हो।
दूर क्यो?हुवे मुझसे,तुम्ही तो मेरे जीवन साथी हो।
मेरे जीवन की उल्लास और,सच्ची प्रेम की निशानी हो।
ओ मेरे जीवन साथी,हर पल यादो में रहती हो।
मेरे मन के हर कोने में,प्यार बरसाया करती हो।
जीवन से इतना घुल कर,रक्तो में तुम बहती हो।
प्रेम सदा करती हो तुम,दूर फिर क्यो?रहती हो।
हरियाली और सावन में,खुसबू बन कर महकती हो।
नदियों की धारा के जैसे,बलखाती तुम चलती हो।
तू मेरा जीवन है साथी,दूर क्यो?तुम रहती हो।
रात की गहरी अंधेरो में,सदा ही आई करती हो।
प्रेम भरे भावो से तुम,मेरे हृदय में ही रहती हो।
सागर की गहराई से गहरा, प्रेम हृदय में रखती हो।
यादो और ख्वाबो में,सदा-सदा ही आया करती हो।
रात की गहरी अंधेरो में,सपना बन कर रहती हो।
दिल से है लगाव इतना,फिर दूर क्यो?तुम रहती हो।
ओ मेरे जीवन साथी,साथ तुम क्यो?नही रहती हो।
अंधियारी गहरी रातो में,तुम सपना बन रहती हो।
तेरे अंतर मन मे भी,मेरा प्यार झलकता होगा।
तेरे हृदय के हर कम्पन में,मेरा याद झलकता होगा।
तेरे चंचल आँखो में भी,मेरा प्यार झलकता होगा।
तेरे दिल की हर धड़कन में,मेरे स्मृति पलता होगा।
ओ मेरे जीवन साथी,यादो से तेरा मन महकता होगा।
प्रेम भरी शब्दो के लिए,तेरा मन भी तरसता होगा।
तेरे भी ख्वाबो में,सपना बन कर रहता होगा।
दूरी का अहसास तुमको भी,पल-पल होता होगा।
ओ मेरे जीवन साथी,हवाओ का झौका भी तुमको छूता होगा।
मीठी प्यार भरी एहसासों से,तेरा मन महकता होगा।
ओ मेरे जीवन साथी,प्यार भरे ओ दिन याद आता होगा।
दिल की सुंदर भावो में,याद जरूर आता होगा।
रात के अंधियारों में,तेरा भी सपना सजता होगा।
हृदय से इतना प्यार रूहानी है, फिर दूर क्यो?रहती हो।
ओ मेरे जीवन साथी,मुझसे तुम दूर क्यो?रहती हो।
यादो और स्मृति में,सपनो और ख्वाबो में भी रहती हो।
रात की गहरी अंधेरो में,सपना बन कर रहती हो।
ओ मेरे जीवन साथी,मुझसे इतना दूर क्यो?रहती हो।
ओ मेरे जीवन साथी,मुझसे इतना दूर क्यो?रहती हो।
3 घंटे पहले
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