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मन और आत्मा से तुम मेरे हो

Ritu Matawale

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन और आत्मा से,तुम मेरे ही हो।
        
                                                    
                            
मेरे अंतर मन मे,सदा ही तो रहती हो।
जीवन के हर छन में,सदा ही साथ निभाती हो।
तुम अलग नही हो,मुझमे ही तो रहती हो।
मेरे जीवन सांसे बन कर,चलती रहती हो।
साथी हो तुम मेरे,मेरे ही दिल मे रहती हो।
जीवन के हर संघर्ष में,साथ निभाती रहती हो।
पास नही हो कर भी,दिल के करीब रहती हो।
हर यादो में तुम,सपना बन कर रहती हो।
हर स्मृतियों में,उपवन सा सुख देती हो।
मेरे इस दिल मे,कवँल खिलाती रहती हो।
वीराना नही है जीवन,तुम मेरे पास रहती हो।
मेरे जीवन मे तुम,प्यार की सुखद अहसास हो।
मेरे तन-मन मे,खुसिया भरी सौगात हो।
मेरे जीवन मे सच्ची प्रेम की,अहसास हो।
कोई वस्तु नही, जो कही खो जाओगी।
दूर रह कर भी नजर,पास आओगी।
कोई मौसम नही की तुम,बदल जाओगी।
हर मौसम में,साथ -साथ चलोगी।
सच्चा प्रेम है तुमसे,दूर रहकर भी पास आओगी।
दिल की हर भाव में,एक सुंदर प्यार है तेरा।
तू मेरे पास नही है, सारी स्मृतियां है तेरा।
सदा से ही तो,तू सच्ची साथी है मेरा।
एक तू ही तो इस दिल मे,रहती हो मेरा।
रातो के हर सपनो में,आती हो मेरा।
इस दिल को आनन्द से,भर जाती हो मेरा।
जीवन मे ,उल्लास भर देती हो मेरा।
सुबह की सुखदाई पवन बन,साथ निभाती हो मेरा।
उस तन का क्या?करूंगा मन तो मेरे पास है तेरा।
मिट्टी के तन से,मोहोब्बत करके क्या?करूंगा।
तेरे आत्मा से ही,सदा-सदा ही प्यार करूंगा।
इसीलिए तो दूर रह कर,पास रहती है मेरा।
कितना सुंदर और अनमोल है, ये प्यार तेरा।
सच्ची मोहोब्बत का,सच्ची अहसास हो मेरा।
तू साथ रहे या ना रहे,स्मृति में रहती हो सदा मेरा।
तन की सुंदरता से नही,मन की सुंदरता से प्यार है मेरा।
तू ही तो सुंदर जीवन संसार है, मेरा।
तेरे सुन्दर मन की भावो से,चाहत है मेरा।
दूरियों में भी पास का,सुंदर अहसास है मेरा।
मेरे मन की आवाज,सायद तुम तक जाती होगी।
हृदय की ओ कम्पन,याद दिलाती होगी।
चाहत मेरी सच्ची है, तुमको बताती होगी।
ओ चलती हवा ,पैगाम मेरा पहुचाती होगी।
मेरे दिल की हाल,तुम्हे सुनाती होगी।
तेरे ओठो में मुस्कान सदा,मचलता रहे।
तेरे दिल मे प्यार का गुलाब,सदा खिलता रहे।
दूर रह कर भी,तू सदा ही मेरे पास रहे।
मेरे मन और मस्तिष्क में,तेरे ही स्मृतियां रहे।
ना धूमिल हो कभी, ये तेरी सुंदर सी यादे।
ना मिटे कभी दिल से,प्यार भरी यादे।
तेरे खुसी में हम ,अपनी खुसी देखते हैं।
तेरे गम में हम,अपनी गम देखते हैं।
तेरे मुस्कान में हम,अपनी जीवन देखते हैं।
तेरे हर स्मृतियों को,हम जीवन कहते हैं।
तेरे चूड़ी की खनक को,संगीत कहते हैं।
तेरे पायल की रुन-झुन को,हम गीत कहते हैं।
तेरे माथे की बिंदिया को,चमकती चाँद कहते हैं।
तेरे बालो की काली को,सावन की घटा कहते हैं।
तेरे माघो की लाली को,अपना जीवन कहते हैं।
तुझे साथी ही नही,अपने जीवन सफर कहते हैं।
तुझे हम राज और,हम सफर कहते हैं।
तुझे सिर्फ साथी ही नही,जीवन साथी कहते हैं।
तू पास नही फिर भी,मेरे पास रहती है।
तेरे हर स्मृतियां,मेरे जीवन साथ रहती है।
तू पास नही फिर भी,मेरे पास रहती है।
2 महीने पहले
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Manju Sharma

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