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तोहफे में जीत देकर

Rishabh Bhatt

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपनी आंसू को तराशा है, सौ किताबों से मैंने,
        
                                                    
                            
कौन कहता है रो–रो कर, अपना कमरा वीरान कर लिया?

उनको आखरी तोहफे में, कल जीत देकर,
मेरे गुरूर ने अपनी हार पर गुमान कर लिया।

– ऋषभ भट्ट
2 महीने पहले
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