विज्ञापन

हैप्पी रक्षाबंधन

Rinkee goswami

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पैसों की जरूरत ने, परिवार से जुदाई कर दी।
        
                                                    
                            
घरों की हलचलों में, घनेरी तन्हाई कर दी।
हर त्योहार की शुरुआत तेरे अक्स से होती है
मगर इस रक्षाबंधन,बहन की राखी से दूर कलाई कर दी।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile