जो जीवन के अंधेरों को, उजालों में बदल जाए।
समंदर की जो लहरों को,किनारों में बदल जाए।
है मुमकिन सब,जो तू सोचे, और सपने भी तो पूरे हों
मिले अगर साथ गुरुवर का, तो किस्मत ही बदल जाए।
मिला है ज्ञान का दीपक,जो मिटाता हर अंधेरा है।
कोई तुमसा नहीं अपना, जो हमको जोड़ जाता है।
दुर्गुणों को दूर करके, गुणों से भर के देना है
जो भूले भटके हम राहें,तो हम राही बनाता है।