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ज़िंदगी

renuka khundia

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सब जिंदगी में ही है उलझें,
        
                                                    
                            
जिंदगी के मुद्दे भी अनेक,
जिंदगी के किस्से भी जुदा,

कोई घर गृहस्थी में उलझा, कोई इश्क-
माशुक के चक्कर में फंसा।

किसी के लिए देश बड़ा तो किसी के लिए धर्म बड़ा,
जिंदगी के मायने सबके लिए जुदा।

जिंदगी अपनों के बीच बसी। जिंदगी फिर भी अपनों से ही जुदा।।
जिंदगी का आनंद ना अकेले में ,
फिर भी आज ;
हर कोई अकेले ही जिंदगी जी रहा ।

जिंदगी की तलाश में हर कोई भटक रहा है,
कोई ऐसा है जो कहे की वह जिंदगी से मिला है।

जिंदगी एक एहसास है ,
रूह से महसूस करो ।
तो जिंदगी हर पल तुम्हारे पास है ।

झूठे दुनियावी मुद्दे तो एहसासों को मारते हैं ,
जिंदगी को जिंदगी से दूर ले जाते हैं ।

अपने झूठे गुमानो में हर कोई जिंदगी का कत्ल करता है। फिर खुद जिंदगी की तलाश में दरबदर घूमता है।

जिंदगी को पाना है तो दोस्तों! जिंदा रखो रूहानी एहसासों को।
जब तक यह एहसास तुम में जिंदा हैं;
तो ही समझो जिंदगी जिंदा है ।।
 
2 महीने पहले
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