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बादल की चाह

Renu Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नट खट बादल आओ जी
        
                                                    
                            
मोती बूंद लुढ़काओ जी।
बच्चे बड़े किशोर युवा
सबका मन बहलाओ जी।

सबका मन बहलाओ जी,
खेत खलिहान ताल तलैया।
कागज़ कश्ती मैं चलाऊ
मेरा हाथ बांटाओ जी।

हित मीत संगी साथी
सबको गले लगाओ जी
धानी चुनर धरती को
अपने हाथ पहनाओ जी।

हरि हरियाली चारों तरफ
हरि का धुन मचाओ जी
नट खट बादल आओ जी
मोती बूंद लुढ़काओ जी।
8 महीने पहले
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