नट खट बादल आओ जी
मोती बूंद लुढ़काओ जी।
बच्चे बड़े किशोर युवा
सबका मन बहलाओ जी।
सबका मन बहलाओ जी,
खेत खलिहान ताल तलैया।
कागज़ कश्ती मैं चलाऊ
मेरा हाथ बांटाओ जी।
हित मीत संगी साथी
सबको गले लगाओ जी
धानी चुनर धरती को
अपने हाथ पहनाओ जी।
हरि हरियाली चारों तरफ
हरि का धुन मचाओ जी
नट खट बादल आओ जी
मोती बूंद लुढ़काओ जी।