एक ओर सफलता है
एक ओर विफलता है
पर दोनों के पीछे
एक जीवन चलता है
सब किस्मत की बातें
सब समय पे होती है
बस बीच फसा इंसां
माथे को मलता है
हे राम ज़माने का
दस्तूर निराला है
दिल कोई भाता है
ले कोई चलता है
जब दिल टुट जाता है
या घर छुट जाता है
कुछ दर्द लिए दिल में
इक शायर पलता है
जब मजहब की बातें
ना दिल को भाती है
फिर किस के कहने पर
इंसान मचलता है
हर ओर उजाला है
हर छोर निराला है
बस इसके पीछे ही
इक बचपन जलता है
जो भूखा है कबसे
ना पूछ ने तुम आए
फिर पूछ रहे हम से
भूखा क्यों खलता है
जो अपना कहते थे
सब सपना हो बैठे
ये दर्द लिए दिल में
दिन इक इक ढलता है
एक और सफलता है
एक और विफलता है
पर दोनों के पीछे
एक जीवन चलता है
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