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मुमकिन नहीं वहां से लौटकर वापिस आना

Rawat Rajni

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत मुमकिन नहीं होता वहां से लौटते आना
        
                                                    
                            
जहां सब कुछ लगा हो दांव पे जीत के आना
मुस्कुराते चेहरे ने मेरे ओड़ ली है खामोशी
वो कहते है बात ना करना कभी ना लौट के आना
एक दिन पहले
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