क्या अच्छा है उसके लिए बेकरार होना,
या उसकी कहानी का छोटा किरदार होना?
वो भूल भी जाए, तो क्या शिकवा कोई,
मर जाने से तो अच्छा है बीमार होना।।
~रविकांत तिवारी