विज्ञापन

सपने में देख रहा होगा

RATAN KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर आप अचानक,
        
                                                    
                            
रात में बिना वजह उठ जाते हो,
तो लोग कहते हैं…
समझो कोई आपको,
अपने सपने में देख रहा है।
उसने भी यही बात,
बड़ी मासूमियत से कही थी।
उस रात मैं सचमुच,
अचानक जाग गया था।
घड़ी ने तीन बजने की ख़बर दी,
कमरे में सन्नाटा था,
और नींद जाने कहाँ चली गई थी।
मैंने मुस्कुराकर सोचा,
"शायद आज, उसे मेरी याद आई होगी..."
इस ख़याल ने,
नींद से ज़्यादा सुकून दिया।
सुबह उससे मुलाक़ात हुई,
मैंने हँसते हुए पूछा…
"कल रात कोई सपना देखा था?"
वो कुछ पल चुप रही,
फिर बोली…
"हाँ... देखा था।"
दिल ने राहत की साँस ली।
मैंने जल्दी से पूछा…
"उसमें मैं था?"
उसने मेरी तरफ़ देखा,
फिर नज़रें झुका लीं।
बोली,
"तुम ही थे...
लेकिन बहुत दूर।
इतने दूर कि, आवाज़ भी नहीं पहुँच रही थी।
मैं पुकारती रही,
और तुम बस, मुस्कुराकर चलते रहे।"
उसकी बात सुनकर,
मुझे पहली बार समझ आया,
हर सपना मिलने के लिए नहीं होता,
कुछ सपने सिर्फ़ यह बताने आते हैं,
कि किसी की याद,
अब भी रास्ता ढूँढ़ रही है।
उस रात के बाद,
मैं कई बार अचानक जागा।
अब मैं यह नहीं सोचता,
कि कौन मुझे, सपने में देख रहा होगा।
मैं बस खिड़की खोल देता हूँ,
और आसमान की तरफ़ देखकर,
धीरे से कहता हूँ…
"अगर सचमुच, किसी के ख़्वाब में हूँ,
तो इस बार इतना क़रीब रखना,
कि उसे जागने पर,
मेरी कमी महसूस न हो,
मेरी मौजूदगी याद रहे।"
-रतन कुमार कैथवास
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile