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नजर भर देख लूँ तुझको यही अरमान है अब

Rashmi Rawat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नजर भर देख लूँ तुझको यही अरमान है अब
        
                                                    
                            
न जाने कब मिलूंँ तुझसे यही सवाल है अब.!

जिऐ जो साथ लम्हें तुम्हारे
संजोकर साथ अपने लिऐ जा रही हूँ
यादें देकर अपनी तुम्हें भी जीने का सहारा
दिऐ जा रही हूँ.!

छूऐगी हवाऐ जब जब दामन को तेरे
भरके एहसास उन्हीं के साथ मैं हूंँगीं.!

जब भी रिमझिम बरसात बरसेंगी
बूंदों की गूँज में आवाज़ बन में ही रहूंँगी.!

आऐगी जब रात बन ख्बाव़ मैं "रश्मि" तुमसे हमेशा मिलती रहूँगी.!
-रश्मि रावत
 
2 महीने पहले
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