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दर्द देने लगा है तू

rashmi gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मोहब्बत मे शायद तुझे कमी लगी,
        
                                                    
                            
जो दर्द देने लगा है तू।
सपनों भरे आँखों की जगह ,
आँसू देने लगा है तू

निशान शायद कम थे
जो जख्म देने लगा है तू।

शायद मुझ मे वो बात न थी,
जो मुझ तक रूका रहे तू,
या तुझमें ही जज्बात नहीं
जो किसी और को साथ लिए जा रहा है तू

निशान शायद कम थे
जो जख्म देने लगा है तू।
2 वर्ष पहले
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