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अम्मा कलम थमा दो हाथों में

रासप्रिया सिंह

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अम्मा कलम थमा दो हाथों में, मैं भी लड़ने जाऊँगा,
        
                                                    
                            
नन्हें-नन्हें इन हाथों से, पन्ने बड़े-बड़े भर आऊँगा;
अम्मा कलम थमा दो हाथों में, मैं भी लड़ने जाऊँगा।

गरीबी, भुखमरी हो या पिछड़ापन, सब से जीत के आऊँगा,
अम्मा कलम थमा दो हाथों में, मैं भी लड़ने जाऊँगा।

समानता, सभ्यता और मानवता का पाठ पढ़ाने,
मैं भारत को स्वर्ग बनाकर, एक दिन वापस आऊँगा;
अम्मा कलम थमा दो हाथों में, मैं भी लड़ने जाऊँगा।
3 महीने पहले
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