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ज़रूरी तो नहीं

Ranjana Sood

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर वक़्त तलाश में गुज़रे, यह ज़रूरी तो नहीं,
        
                                                    
                            
तू कहीं राह में मिल मुस्कुराए, यह ज़रूरी तो नहीं।
एक-दूसरे को हर पल आज़माया जाए, यह ज़रूरी तो नहीं,
कड़कते बादल देखकर यूँ छुप जाया जाए, यह ज़रूरी तो नहीं।
तू बार-बार हमसे दूर जाए, यह ज़रूरी तो नहीं,
हम तेरे इंतज़ार में बिखर जाएँ, यह ज़रूरी तो नहीं।
यूँ अपने मुक़द्दर से खिलवाड़ किया जाए, यह ज़रूरी तो नहीं,
मोहब्बत की इस पाक नेमत को ठुकराया जाए, यह ज़रूरी तो नहीं।
3 महीने पहले
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