तेरी बाहों में आकर खुद को तेरी बाहों में सौप कर खुद को पूरी तरह खोने के पहले,
शरीर मन बुद्धि और आत्मा से तेरे शरीर मन बुद्धि और आत्मा का पूर्ण रूप से होने के पहले,
दूर तुझसे तेरे इश्क में अकेला तन्हा न सिर्फ कभी पुरी रात रात तुझको सपनों में देखा,
बल्कि तेरी मोहब्बत और तुझको याद करता रहा ठीक जगने के बाद और ठीक सोने के पहले|
-मनस्व