विज्ञापन

मन बुद्धि शरीर और आत्मा से तेरा होने के पहले

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरी बाहों में आकर खुद को तेरी बाहों में सौप कर खुद को पूरी तरह खोने के पहले,
        
                                                    
                            
शरीर मन बुद्धि और आत्मा से तेरे शरीर मन बुद्धि और आत्मा का पूर्ण रूप से होने के पहले,
दूर तुझसे तेरे इश्क में अकेला तन्हा न सिर्फ कभी पुरी रात रात तुझको सपनों में देखा,
बल्कि तेरी मोहब्बत और तुझको याद करता रहा ठीक जगने के बाद और ठीक सोने के पहले|
-मनस्व
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile