भस्मासुर ने घोर तपस्या साधना करके और शिवजी के चरणों में रख के अपना माथ,
शिवजी से वरदान मांगा कि तुरंत ही वह भस्म हो जाए जिसके ऊपर रख दूं मैं अपना हाथ,
किंतु जब शिव से वरदान मिलते ही भस्मासुर ने सबसे पहले शिवजी को ही भस्म,
करने हेतु उनके पीछे दौड़ा तब सचमुच खुद ही वरदान देकर संकट में पड़ गए भोलेनाथ|
-मनस्व