विज्ञापन

दो शराबी

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी थोड़ा जोर से तो कभी धीरे-धीरे दोनों आपस में बड़बड़ाते हुए,
        
                                                    
                            
कभी दाएं ओर तो कभी बाएं ओर दोनों इधर-उधर लड़खड़ाते हुए,
मदिरालय से मदिरा लेकर एक साथ दोनों लौट रहे थे अपने घर की ओर,
एक दूसरे के हाथ में लिए हुए शराब की बोतल को एक दूसरे को लड़ाते हुए|
-मनस्व
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3563 कविताएं

View Profile