भारत देश के नेताओं को चाहे वह पक्ष के हो या विपक्ष के भलिभांति रखनी चाहिए याद,
भारत का संविधान, संस्कृति तथा अनेकता में एकता जैसे मूल्य है देश की असल बुनियाद,
अतः बेरोजगारी गरीबी शिक्षा बढ़ती हुई जनसंख्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों को छोड़कर,
बांटने काटने तथा धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करना बेशक है बेबुनियाद|
-मनस्व