विज्ञापन

क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ

Ramakant Chaudhary

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब पुलिस मुझे बिना हेलमेट पकड़ती है,
        
                                                    
                            
तो रिश्वत देकर चालान से खुद को बचाता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

जब मेरा बच्चा कम नम्बर लाता है,
तो टीचर को मिठाई का डिब्बा देकर नम्बर बढ़वाता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

जब मेरी ही गलती होती है तब भी,
थाने में रिश्वत देकर मनमुताबिक एफआईआर दर्ज कराता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

सरकारी नौकरी पाने के लिए,
अधिकारी ,नेता व मंत्री से जुगाड़ लगाता हूँ ,
क्योकि मै भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

पात्र न होने पर भी सरकारी योजनाओं का लाभ,
पहले अपने परिवार को दिलाना चाहता हूँ,
क्योंकि मै भ्रष्टाचार के खिलाफ़ हूँ |

अपने निजी स्वार्थ के लिए,
चोर लुटेरे भ्रष्टों के साथ मिलकर दंगा कराता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

इलेक्शन के समय जाति-धर्म देखकर,
वोट देने का कर्तव्य निभाता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

बस में भीड़ होने पर महिलाओं को धक्का देकर,
उनकी आरक्षित शीट पर बैठ जाता हूँ,
क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ हूँ |

- रमाकान्त चौधरी एडवोकेट
ग्राम -झाऊपुर, लन्दनपुर ग्रंट, जनपद लखीमपुर खीरी उप्र।
लेखन आधार - श्रृंगार एवं समसामयिक तथा सामाजिक विसंगतियां।
शौक- अध्यापन कार्य,समाजसेवा तथा लिखना
9415881883


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Nidhhi Mukesh

22 कविताएं

View Profile

Sarthak Piyush

28 कविताएं

View Profile