स्वस्थ रहें हम सब सदा, विनती बारम्बार।
ऐसा हो जाए अगर, ख़ुशियाँ मिलें अपार।।
चाह नहीं धन की मुझे, राम रतन धन चाह।
सच्चाई के पथ चलूँ, बन जाऊँगी शाह।।
-रजनीश गोयल