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ऊंचे परकोटे

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुसलसल खिड़कियां बंद रहनी
        
                                                    
                            
अच्छी नहीं,
ताज़ा हवाऐं चलती सासों में
घुल पाती नहीं,
ज़रूरत है के माहौल हरदम
ताज़ादम रहे,
दरवाज़े बंद हों तो नई सोच
दाख़िल हो पाती नहीं.

 
एक महीने पहले
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