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सफर का मज़ा

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जारी है सफर ज़िंदगी की रेल का
        
                                                    
                            
दिन और रात,
और जारी है इस दौड़ में
शह और मात,
ख़ूबसूरत नज़ारे भी ख़ूब हैं
इस सफर में,
मज़ा तभी है गर खिड़की के
क़रीब हैं आप.

 
एक दिन पहले
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