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कष्ट हरो श्रीमान

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मंगल कामना हिरदय में सदा ही हनुमतजी
        
                                                    
                            
औ गावैं हम मंगलगान,
आप बिना हैं राम अधूरे आप करैं
धरनी के कष्टन को ध्यान,
कलजुग निरो चल रयो यह काल पवनसुत,
त्राहि-त्राहि होती श्रीमान,
धरैं सबै चित्त में आपकी छबि न्यारी प्रभुजी,
मान धरौ भक्तन को भगवान्.

 
एक महीने पहले
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