माना रेत पर रास्ते नहीं होते,
सिर्फ रेत होता है,
पर वहाँ नुकीले कंकड़ कम,
सुकून ज़्यादा होता है,
ज़रूरी नहीं चिकनी सडकों पर ही
आप चहलकदमी करें,
कभी-कभी भटक जाना भी
दिल को मुफीद होता है.