आदत तो हमारी भी ख़राब रही
यूँ तो,
सफर हर दफा हमने हवाओं के
ख़िलाफ़ किया,
आंधियों ने भी ज़ोर आजमाया
बे-हिसाब आकर,
सामना लहरों का हमने भी मगर
ख़ूब किया.