विज्ञापन

सूरज छुपता नहीं

Rajesh Bhojwal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            #मेरे_मन_की_आवाज
        
                                                    
                            
शीर्षक~ सूरज छुपता नहीं ☀️
बादलों के झुंड घेर लें आसमां को चाहे जितना,
षडयंत्रों से सूरज का क्या बिगड़ेगा?
रात भर साजिशें बुन लो अंधेरों की,
सुबह होते ही उजाला फिर भी चमकेगा।~2

जुबां पर जहर रख लो हजार बार,
सच की आवाज फिर भी निकलेगी।

पैर काटकर बैसाखी देने वालों सुनो,
हम गिरकर भी उठने का हुनर जानते हैं।
तुम दीये बुझाने में लगे रहो,
हम सूरज बनकर जगमगाने का जिगर रखते हैं।

दीवारें खड़ी कर लो रास्ते में जितनी,
हौसले हमारे पर लगाकर उड़ते हैं।
अफवाहों के तूफान चला लो जितने,
नाम हमारा इतिहास में गढ़ते हैं।
बादलों के झुंड घेर लें आसमां को चाहे जितना,
षडयंत्रों से सूरज का क्या बिगड़ेगा?
रात भर साजिशें बुन लो अंधेरों की,
सुबह होते ही उजाला फिर भी चमकेगा।~2
 
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all