"मेरे मन की आवाज"
शीर्षक..
मातृभाषा का मान
"हिंदी दिवस पर संकल्प हमारा,
हिंदी से ही भारत प्यारा।-2
ना सिर्फ एक भाषा है ये,
माँ के आँचल जैसी आशा है ये।
जिसमें तुलसी ने राम लिखे,
सूर ने जिसमें श्याम लिखे।
ये बिंदी है, ये मान है,
हर भारतवासी की पहचान है।
अंग्रेजी से ज्ञान सही, पर अभिमान हिंदी से है,
हिंदी है तो हिंदुस्तान है!
"हिंदी दिवस पर संकल्प हमारा,
हिंदी से ही भारत प्यारा।-2