आंखों से अब दीदार की हसरत नहीं गई।
दिल से हमारे उनकी मोहब्बत नहीं गई ।।
हमने तो बार-बार उन्हें माफ कर दिया।
पर उसके दगा देने की फितरत नहीं गई ।।
कोशिश तो बहुत की है तुम्हें भूलने की पर।
दिल से हमारे आपकी चाहत नहीं गई।।
पैसा गया तो एक दिन आ जाएगा 'राना'।
भगवान का करम है के इज्जत नहीं गई।।