संबंधों के मायने
संबंधों के मायने
सबके लिए अलग-अलग होते हैं,
किसी के लिए पैसा,
किसी के लिए फायदा,
तो किसी के लिए
बस साथ होना ही काफी होता है।
कोई रिश्तों में
अपना स्वार्थ ढूँढता है,
कोई अपना लाभ,
और कोई बिना किसी हिसाब के
सिर्फ़ अपनापन चाहता है।
किसी के लिए रिश्ता
ज़रूरत पूरी करने का नाम है,
तो किसी के लिए
मुश्किल समय में
एक-दूसरे का हाथ थामने का नाम है।
रिश्ते वही नहीं होते
जो दुनिया को दिखाई देते हैं,
कुछ रिश्ते वे भी होते हैं
जहाँ कोई कुछ नहीं माँगता—
बस इतना चाहता है
कि तुम उसके साथ रहो।
— रजनी