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सबसे अपना, सबसे पराया

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सबसे अपना, सबसे पराया
        
                                                    
                            

कोई भी इंसान
उतना पराया नहीं हो सकता,
जितना वह इंसान
जिससे तुमने कभी प्यार किया हो।

क्योंकि परायों से तो
उम्मीद ही नहीं होती,
दर्द भी नहीं होता,
शिकायत भी नहीं होती।

मगर जिससे दिल जुड़ जाए,
जिसे अपना समझकर
अपनी दुनिया सौंप दी हो,
उसका बदल जाना
सबसे गहरा दर्द देता है।

अजीब है ना—
जिसे कभी सबसे अपना माना,
वही एक दिन
सबसे ज्यादा पराया लगने लगता है।

और तब समझ आता है,
रिश्ते दूरी से नहीं,
बदलते व्यवहार से पराए होते हैं।
— रजनी
3 घंटे पहले
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